
लॉरेंस बिश्नोई, पंजाब पुलिस के एक कांस्टेबल का बेटा, आज भारतीय अपराध जगत में एक खतरनाक नाम बन चुका है। उनकी पहचान इतनी बढ़ चुकी है कि लोग उसे भारत का नया “दाऊद इब्राहिम” कहने लगे हैं। एक समय कॉलेज के एक मामूली विवाद से शुरू हुआ लॉरेंस का आपराधिक सफर धीरे-धीरे मर्डर, लूट, और वसूली जैसे संगीन अपराधों तक पहुँच गया।
बिश्नोई की कहानी में एक अलग ही ट्विस्ट है – वह जेल में बंद होने के बावजूद अपने ‘शूटर्स’ की फौज और सोशल मीडिया के जरिए अपनी शक्ति का प्रदर्शन करता है। यहाँ तक कि जेल में रहते हुए भी वह सिंगर सिद्धू मूसेवाला जैसे हाई-प्रोफाइल हमलों को अंजाम दिला चुका है। एनआईए ने लॉरेंस के आपराधिक नेटवर्क को दाऊद इब्राहिम के कुख्यात डी-कंपनी से तुलना की है, जिससे उसकी अंतरराष्ट्रीय पहुँच और शक्ति का अंदाजा लगता है।
बिश्नोई का कहना है कि जेल में रहना उसके लिए कोई सजा नहीं है बल्कि उसके लिए एक सुरक्षित जगह है, जहाँ से वह अपना नेटवर्क चलाता है। यहाँ तक कि उसके नाम से कई युवा उसके गैंग में शामिल हो रहे हैं, जिससे उसका प्रभाव बढ़ता ही जा रहा है। इस घटना ने भारतीय समाज में अपराध के महिमामंडन और सुरक्षा तंत्र की कमजोरियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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